बग़ैर नग़ वाली अंगूठी पहनना कैसा ?




बग़ैर नग़ वाली अंगूठी पहनना कैसा ? 

अस्सालामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु

क्या फरमातें है उलमाए एकराम व मुफ्तियान ए एजा़म मसअला के बारे में कि बगैर नग वाली अंगुठी पहनना कैसा बहवाला जवाब इनायत फरमाएं मेहरबानी होगी आपकी फक्त वस्सालाम

साइल> अब्दुल हक़ अकबरपुर अम्बेडकर नगर

व अलैकुम अस्सालाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु

अल जवाब अल्ला हुम्मा हिदायतु अलहक़ बिस्सावाब
बगैर नगीने की अंगूठी पहनना मर्द के लिए जाइज़ नही मर्द के लिए चांदी की एक नग वाली अंगूठी जो वज़न मे साढ़े चार माशा से कम हो जाइज़ है लेहाज़ा एैसी अंगूठी जो सोने पीतल तांबा वगैरह धात की हो या एक नग से जाइद वाली हो या बिला नग की हो तो मर्द के जाइज़ नही 
(हवाला बहार ए शरीअत हिस्सा 16/सफा नः 629/631 मोबाइल अप्स)
और हज़रत अल्लामा व मौलाना मुफ़्ती वकारुद्दीन साहब तहरीर फरमाते है कि मर्द के लिए एक चांदी की अंगूठी इन शराइत के साथ जाइज़ है कि चांदी का वज़न साढ़े चार माशे से कम हो और उसमे नग़ भी जरुर हो नग़ एक ही होना चाहिए अगर दो नग़ लगे हो तो ना जाइज़ होगी नग़ बिल्कुल भी न हो छल्ले की शक्ल मे हो तो वो भी ना जाइज़
(बहवाला वक़ारुल फतावा जिल्द 02/सफा नः 190)

वल्लाहो आलमु बिस्सवाब

कत्बा नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी खतीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हजरत मन्सूर शाह रहमातुल्ला अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जिला फतेहपुर उत्तर प्रदेश

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